सवाल :
ऐसा कोई दुआ बताये जिसके आमल से आपको जो पसंद हो वो शरियती तौर पर निकाह मे आजाये, और हमारी वालैदीन भी प्यार व मुहब्बत से शादी के लिए मान जाए।
जवाब:
सुरह ताहा की आयात नम्बर 131/132 को लिखकर बाजु पर बांद ले।

سُوۡرَةُ طٰه
(۱۳۱)
وَلَا تَمُدَّنَّ عَيۡنَيۡكَ اِلٰى مَا مَتَّعۡنَا بِهٖۤ اَزۡوَاجًا مِّنۡهُمۡ زَهۡرَةَ الۡحَيٰوةِ الدُّنۡيَا ۙ لِنَفۡتِنَهُمۡ فِيۡهِ‌ ؕ وَرِزۡقُ رَبِّكَ خَيۡرٌ وَّاَبۡقٰى‏
(۱۳۲)
وَاۡمُرۡ اَهۡلَكَ بِالصَّلٰوةِ وَاصۡطَبِرۡ عَلَيۡهَا‌ ؕ لَا نَسۡـــَٔلُكَ رِزۡقًا‌ ؕ نَحۡنُ نَرۡزُقُكَ‌ ؕ وَالۡعَاقِبَةُ لِلتَّقۡوٰى‏
लिखकर बाजु पर बांदने के बाद,ईशा की नमाज मुकम्मल तरीके से अदा करे,ईशा की नमाज अदा करने के बाद,
बावजु किसि पाक जगह पर बेट कर ये आमल करेे।
ईस आमल को करने के लिये शुरु मे आपको 11 मर्तबा दुरुद शरीफ पढना है।
11 बार दुरुद शरीफ पढ़ने के बाद, आल्लाह का बहुत ही प्यारा नाम "या लातिफु" 1100 मर्तबा पढ़ना है।
1100 मर्तबा "या लातिफु" पढ़ने के बाद,
आखिर मे 11 बार दुरुद शरीफ पढ़ना है,वही दुरुद शरीफ जो आपने शुरु मे पढ़ा था।
उसके बाद आल्लाह रब्बुल ईज्जत से खुब तवज्जु और ध्यान से दुआ मांगे, ईशा आल्लाह जल्द ही बेहतर और पसंदिदा आपके दहलिज पर आ पहुचेगा।
आखिर मे आप सब से एक छोटा सा गुजारीश
ईस पस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। क्या पता आप की एक शेयर की वजह से कोई बहन/बेटी ने ईसे पढ़ कर ये आमल करले और उनकी घर बस जाये तो आप सब को डेर सारी दुआये मिलेगी।

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