बच्चे के कान में अज़ान कितनी बार दें
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❓सवाल : बच्चा या बच्ची पैदा हो तो उसके कान में अज़ान कब और कितनी बार दें ?
❓बच्चे का नाम कौन से दिन रखें ?
❓सर के बाल किस दिन साफ़ करवाए?
👉🏻जवाब : जब बच्चा पैदा हो तो मुस्तह़ब ये हैं कि उसके कान में अज़ान व इक़ामत कही जाए, अज़ान कहने से इन्शा अल्लाह तआ़ला बलाएं दूर हो जाएगी !
🌺इमामे आ़ली मक़ाम ह़ज़रते इमामे ह़ुसैन रदीअल्लाहो तआ़ला अ़न्हो से रिवायत हैं कि प्यारे आक़ा सल्लल्लाहो तआ़ला अ़लैहे वसल्लम ने फ़रमाया:
🌹जिस शख़्स के यहां बच्चा पैदा हो उसके दाएं (सीधे) कान में अज़ान और बाएं (उल्टे) कान में इक़ामत कही जाए तो बच्चा "उम्मुस्सिब्यान" से मह़फ़ूज़ रहेगा !
📚(मुस्नद अबी याला, जिल्द-6, सफ़ह़ा-32, ह़दीस-6747)
➡"उम्मुस्सिब्यान" के बारे में शाह इमाम अह़मद रज़ा ख़ान रह़मतुल्लाह तआ़ला अ़लैहे फ़रमाते हैं : (सरअ़) बहुत ख़बीस बला हैं और इसी को उम्मुस्सिब्यान कहते हैं अगर बच्चों को हो वरना (सरअ़) मिर्गी!
📚(मल्फूज़ाते आला ह़ज़रत, सफ़ह़ा-415)
➡नुज़्हतुल कारी में हैं : सरअ़ के माना बेहोश होकर गिर पड़ने के हैं, ये कभी अख़्लात (पित्त, खून, बल्गम, जला हुआ स्याह बल्गम) के फसाद के सबब होता हैं जिसे मिर्गी कहते हैं और कभी जिन्न या ख़बीस हमज़ाद के अषर से होता हैं!
📚(नुज़्हतुल कारी, जिल्द-5, सफ़ह़ा-489)
➡आला ह़ज़रत इमाम अह़मद रज़ा ख़ान रह़मतुल्लाह तआ़ला अ़लैहे फ़रमाते हैं : जब बच्चा पैदा हो फौरन सीधे कान में अज़ान और बाएं (उल्टे) कान में तक्बीर कहे कि ख़लले शैत़ान व उम्मुस्सिब्यान से बचे !
📚(फ़तावा रज़विय्या, जिल्द-24, सफ़ह़ा-452)
👉🏻बेहतर ये हैं कि सीधे कान में 4 बार अज़ान और उल्टे कान में 3 बार इक़ामत कही जाए! (अगर एक बार अज़ान व इक़ामत कह दी तब भी कोई हरज़ नही)
👉🏻सातवें दिन उसका नाम रखा जाए और उसका सर मूंडा जाए और सर मूंडाने के वक़्त अ़क़ीक़ा किया जाए और बालों को वज़्न करके उतनी चांदी या सोना सदक़ा किया जाए !
📚(बहारे शरीअ़त, जिल्द-3, सफ़ह़ा-355)
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