اللّهُـمَّ بِكَ أَصْـبَحْنا وَبِكَ أَمْسَـينا ، وَبِكَ نَحْـيا وَبِكَ نَمُـوتُ وَإِلَـيْكَ المَصِيْر


अल्लाहुम्मा बि क अस्बहना व् बि क अम सेना व् बि क न ह या व् बि क नमुतू व् इलैकल मसीरु |

ए अल्लाह ! तेरी कुदरत से हम सुबह के वक्त हम दाखिल हुए और तेरी कुदरत से हम शाम के वक्त में हम दाखिल हुए और तेरी कुदरत से हम जीते हैं , मरते हैं और तेरी  तरफ जाना है |

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