रात को सोने से पेहले ये पाँच काम करे ईनशा आल्लाहु तोआला आप की जिंदगी बदल जायेगी,
आप की रिज्क मे बरकत होगी,
आप की कारुबार मे बरकत होगी,
और आप की घर मे बरकत होगी।
तो मेरी प्यारी प्यारी दोस्तों आब द्यान से सुन लिजिये वो पाँच काम क्या है।
आप की और हमारी नबी सरवरे कायनात,हुजुर ए पाक सल्लल्लाहुतआला आलैही व सल्लाम ने हजरत आली राजिआल्लाहु आनहु से फरमाया,
आप रात को सोते वक्त ये पाच काम जरुर कर के सोया करो।।
नम्बर एक सोते वक्त सदका देकर सोया करो,
यानी आप रात को सोने से पेहले सदका करके सोया करो,
नम्बर दो जन्नत की कीमत अदा करके सोया करो,
नम्बर तीन एक कुरान खतम करके सोया करो,
नम्बर चार दो जगड़ा करने वालों के बिच सुलह कराके सोया करो,
नम्बर पाँच एक हज की सवाब लेकर सोया करो।
तब हजरत आली राजिआल्लाहु आनहु ने कहा मेरे पास ईतना कुछ नही है जो मे ये सब कर सको,
कैसे जन्नत की कीमत अदा कर सकता हु,
कैसे एक कुरान पड़ कर खतम कर पाउंगा ईतनी कम वक्त मे,
दो लड़ने वालों के बीच कैसे सुलह करा सकुंगा ईतने कम समय मे,
कैसे हज का सवाब हासिल कर पाउंगा।
तब नबीये करीम सल्लल्लाहु आलैही व सल्लाम ने फरमाया, आप ईन बातों पर आमल करे तो ईन पाँच कामों के बराबर सवाब मिलेगा।
यानी आगर आप ये आमल करेंगे तो आपको ईन पाँच कामो के बराबर सवाब मिलेगी।
आब आपलोग द्यान से सुन लिजिये वो पाँच काम ऐसी क्या है जिनपर आमल करने से ईन पाँच कामो के बराबर सवाम मिलेगा।
नम्बर एक चार बार सुरह फातिहा पढ़ने पर सदके की सवाब मिलेगी, यानी आगर आप सोने से पेहले चार बार सुरह फातिहा यानी आलहमदु शरीफ पढ़ेंगे तो आपको सदके करने के बराबर सवाब मिलेगी।
नम्बर दो तिन बार सुरह आल ईखलास पढ़ने से कुरान एक खतम करने की सवाब मिलती है। यानी आगर आप तिन बार कुल हु आल्लाहु आहाद पुरा पढ़ लेंगे तो आपको एक खतम कुरान ए पाक पढ़ने की सवाब मिलेंगे।
नम्बर तिन दस बार दुरुद ए पाक पढ़ लीया करो ईससे जन्नत की कीमत आदा हो जायेगी। यानी आगर आप सोने से पेहले दस बार दुरुद ए पाक पड़लेंगे तो सोने से पेहले आपके जन्नत की कीमत अदा हो जायेगी, क्योकी दुरुद ए पाक नबी सल्लल्लाहु आलैही व सल्लाम पर पढ़ी जाती है।
नम्बर चार दस बार तौबा अस्तगफार पढ़ लिया करो ईससे दो लड़ने वालो के बिछ सुलह कराने के बराबर सवाब मिलति है।
यानी आगर आप सोने से पेहले दस बार तौबा अस्तगफार पढ़लेगे तो आपको दो लड़ने वालों के बीछ सुलह कराने के बराबर सवाब मिलेगी।
नम्बर पाँच चार मरतोबा तीसरी कलीमा पढ़लिया करो ईससे एक हज की सवाब मिलती है। यानी आगर आप सोने से पेहले चार बार तीसरी कलीमा पढ़कर सोया करेंगे तो आपको एक हज करने के बराबर सवाब मिलेगी।
माशा आल्लाह, सुबहान आल्लाह, आल्लाहु आकबार।
मेरी प्यारी भाईयों और बेहनो कितनी प्यारी प्यारी हदीस की बाते आज हमने सिखि है।
दुसरी एक और हदीस
प्यारी नबी हुजुर ए पाक सल्लल्लाहु आलैही व सल्लाम ने फरमाई अल्लाह तआला उसको तारो ताज़ा रखे जो मेरी हदीस को सुने,
याद रखे (अमल करे) और (उसे) दुसरो तक पहुचाये:-
(तिर्मिज़ी शरीफ, जिल्द 4, पेज नम्बर.298, हदीस नम्बर.366)
तो मेरी प्यारी प्यारी भाईयो और बेहनो जितने आपने सिखे उतनी दुसरो को भी सिखाईईये,
तो ईस विडिओ को दील खुलकर शेयर किजिये, आल्लाहु तबाराक हुतआला आपको ईसके आजर देंगे।
विडिओ पसंद आये तो लाईक करना मत भुलीयेगा, नबी की हादीस पसंद ना आने की तो कोई गुनजाईश ही नही तो ईस विडिओ को हर भाई बहन लाईक जरुर किजिये।
आल्लाह सबको ईन पाँच कामों पर आमल करने की तौफिक अता करे, और ईस विडिओ को देखने वाले हर भाईन बहन को ये विडिओ शेयर करने की तोफिक अता करे।
आमिन सुम्मा आमिन।
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