हेल्ल दोस्तो,
यह पोस्ट हर मुस्लिम भाई बहन के लिए बहुत खास है क्यों की दोस्तों आज की पोस्ट में हम बात करने वाले है मिया बीवी के बारे में , सोहबत करने के बारे में , सोहबत करते वक्त किन किन बातो की ध्यान रखनी चाहीये।
दोस्तों सोहबत यानि हमबिस्तरी करना सुन्नत और सबाब है अल्लाह पाक फरमाता है तुम उनसे सोहबत करो और तलब करो जो अल्लाह ने तुम्हारे नसीब में लिखा है एक हदीस में आता है सोहबत करना सदका है मगर क्या आप जानते है सोहबत में किन बातो का ध्यान रखना चाहिए , सोहबत कब और कैसे करना चाहिए आज हम आपको यही बताने वाले है।
नंबर एक , सोहबत हमेशा तन्हाई में करे और ऐसी जगह करे जहां किसी के अचानक आने का खतरा ना हो उस वक़्त कमरे में अन्धेरा कर लो , रौशनी में सोहबत हरगिज ना करे
नंबर दो , अगर किसी की दो बीवियां हो तो एक बीवी से दूसरी बीवी के सामने सोहबत ना करे , दूसरी के सामने सोहबत करना जायज नहीं है
नंबर तीन , बीवी का हाथ पकड़कर मकान के अंदर ले गए और दरवाजा बंद कर लिया और लोगो को मालूम हो गया की सोहबत करने के लिए ऐसा किया है तो मकरूह हो जाता है
नंबर चार , जो बच्चा समझता हो और दूसरे के सामने बयान कर सकता हो उसके सामने सोहबत करना मकरूह है ऐसे बच्चे के सामने सोहबत भूलकर भी ना करे
नंबर पांच - अगर कही पर कुरान शरीफ की आयत लिखी हो तो ऐसी जगह पर तब तक सोहबत ना करे जब तक उस आयत पर कपडे का गिलाफ ना डाल दो
नंबर छः , नशे की हालत में सोहबत ना करे नशे में सोहबत करने से बीमारी हो जाती है जिससे होने वाली औलाद लंगड़ी लूली पैदा होती है
नंबर सात , औरत अगर किसी परेशानी में या बीमार हो तो उसकी सेहत का ख्याल किए बगैर उसके साथ सोहबत हरगिज ना करो
नंबर आठ , सोहबत करते समय किबला की तरफ पैर और पीठ ना करे ऐसा करना मकरू व ख़िलाफ़े अदब है
नंबर नो , इस बात का हमेशा ख्याल रखे की जब सोहबत करने का इरादा हो तो ये मालूम कर ले की कही औरत हेज में तो नहीं है इस के बारे में औरत से पहले पूछ ले
नंबर दस , औरत की भी जिम्मेदारी है की अगर वो हेज में है तो बेझिझक शोहर को बता दे हेज की हालत में सोहबत हरगिज ना करे
नंबर ग्यारह , सोहबत खड़े खड़े ना करे ये जानवरो का तरिका है और बैठे बैठे भी ना करे ये मर्द और औरत दोनों को नुक्सान दायक है
नम्बर बारह , सोहबत करने के फौरन बाद पानी ना पिए क्यों की इससे साँस की बीमारी होने का खतरा रहता है
नंबर तेरह , सोहबत के दौरान बातचीत ना करे , खामोस रहे , आला हजरत फरमाते है की सोहबत के दौरान बातचीत करना मकरू है
नंबर चौदह , सोहबत की बाते दुसरो से ना कहे अल्लाह पाक ने उसे नापसंद फ़रमाया है हमारे नबी फरमाते है जिस किसी ने सोहबत की बाते दुसरो में बयान की उसकी मिसाल शेतानो से दी है
नंबर पंद्रह , सोहबत के दौरान मर्द किसी दूसरी औरत का और औरत किसी दूसरे मर्द का ख्याल ना लाए इस तरह का ख्याल लाना छोटे किस्म का ज़िना है
नंबर सोलह , सोहबत के लिए सबसे अच्छा वक़्त रात का आखरी पहर है क्यों की रात के पहले हिस्से में पेट भरा होता है और भरे पेट हमबिस्तरी करने से सेहत खराब होती है
नंबर सत्रह , सोहबत के लिए कोई खास वक़्त नहीं बताया गया है नमाज के वक़्त के अलावा दिन और रात के हर हिस्से में सोहबत कर सकते हो
नंबर अठारह , हर महीने की चाँद रात , चाँद की पन्द्रवीं शब् और चाँद महीने की आखरी शब सोहबत करना मकरू है इन रातो में सोहबत के दौरान शैतान मौजूद रहता है
नंबर उन्नीस , सोहबत के बाद अगर दुबारा सोहबत करने का इरादा हो तो मर्द और औरत दोनों वजू करले ये फायदेमंद है और अगर दुबारा सोहबत ना भी करे तब भी वजू करके सोए
नंबर बिस , सोहबत के दौरान मर्द और औरत कोई चादर वगैरह ओढ़ ले जानवरो की तरह बरहाना सोहबत ना करे
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