बैशक मे आल्लाह को भुल जाता हु पर आल्लाह मुजे नही भुलता।

बहुत ताज्जुब होता है की आल्लाह
ईतनी सारी भीड़ मे भी मुजे नही भुलता,
और मेरा तो एक ही आल्लाह है फिर भी 
मे उसे भुल जाता हु।।

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