हमारी आल्लाह एक है।
हमारी रसुल एक है।
हमारी कुरान एक है।
हमारी नमाज एक है।
तो फिर हम अलग-अलग क्यो...?
आओ फिरका परस्ति मिटाये
हमारी कौम को सरबुलनंद बनाये।।
आल्लाह मुसलमानो मे ईत्तिहाद अ ईत्तिफाक पैदा फरमा।
आमिन

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