मुस्लिम एक साल तक मीट खाना बंद कर दे तब पशुपालन करने वाले भी जान पाएंगे परेशानी :मदनी

कानपुर
यह तंज जमीअत उलमा ¨हद के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना सैयद महमूद असद मदनी ने बूचड़खाने बंद किए जाने की कार्रवाई पर तंज़ कसा। रविवार को जमीअत द्वारा बगाही मैदान बाबूपुरवा में हुई ख्वाजा अजमेरी एवं मसायख चिश्त कांफ्रेंस में बतौर चीफ गेस्ट बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि मुसलमान अगर एक साल के लिए मांस खाना छोड़ दे तो जानवर पालने वालों के सामने खाने के लाले पड़ जाएंगे। उस वक्त सरकार को समझ आएगा कि इस कदम से किसे परेशानी होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तर प्रदेश की तर्ज पर पूरे देश में वधशालाएं बंद कर दे। उन्होंने छेड़छाड़ रोकने को योगी सरकार द्वारा गठित की गई एंटी रोमियो टीम को अच्छा कदम बताया और कहा कि इस टीम को नियमित सक्रिय रहना चाहिए।
मौलाना ने कहा कि सरकार अच्छा काम करे, सब उसके साथ हैं लेकिन किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश सभी का है। इसमें सब अपने धर्म के अनुसार पूजा-अर्चना, इबादत करते हैं। भारत का मुसलमान बंटवारे के समय से बाईचेंज नहीं बल्कि बाई च्वाइस यहां का निवासी बना है।
अजमेर शरीफ के गद्दीनशीन वाहिद हुसैन चिश्ती अंगार शाह ने कहा कि मुसलमान सारे गिले शिकवे भूलकर आपस में एक हो जाएं। देवा शरीफ के अब्दुल रज्जाक पंछी, सैयद मजहर अली जाफरी आदि ने विचार रखे। जमीअत के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना मतीनुल हक ओसामा कासमी ने शुक्रिया अदा किया।

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