मुफ्ती अब्दुल कय्यूम मंसूरी ने आतंक के केस से बरी हने के बाद गुजरात सरकार से माँगा 5 करोड़ का हर्जाना!!

अहमदाबाद,अपनी ज़िन्दगी के 11 साल सलाखों के पीछे गुजारने वाले मुफ्ती अब्दुल कय्यूम मंसूरी ने गुजरात सरकार से हर्जाने की मांग की है.अक्षरधाम मंदिर में 24 सितंबर 2002 को हुए आतंकी हमले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार 6 जनों को सुप्रीम कोर्ट ने 16 मई 2014 को बरी कर दिया था। निर्दोष होते हुए भी इन सभी को अपने जीवन के 11 साल सलाखों के पीछे गुजारने पड़े। इन्हीं में से एक हैं अहमदाबाद के रहने वाले मुफ्ती अब्दुल कय्यूम मंसूरी ने अब सिविल कोर्ट में याचिका दाखिल कर आपीएस अधिकारी जीएल सिंघल, रिटायर्ड डीएसपी वीडी वानर, इंस्पेक्टर आरआई पटेल, डीआईजी वंजारा और गुजरात सरकार से 5 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है.

मंसूरी के वकील एमएम शेख ने इस बारें में कहा कि यह हर्जाना बिना किसी अपराध के 11 वर्षों की सजा की बदले में मांगा जा रहा है, जब कय्यूम हर पल डर के साथ जी रहे थे. उनके परिवारवालों को भी उनके न होने की वजह से आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा. इस दौरान उनकी कमाई कुछ न थी और कानूनी लड़ाई में लगातार खर्च हो रहा था.

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